ऐसा लगता है कि आप कृपाराम बाबा का ज़िक्र कर रहे हैं, जो सठियावास शहर में गंगा राम की ढाणी से जुड़े एक पूजनीय संत हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!जगह की खास बातें
- आध्यात्मिक महत्व: यह ढाणी (एक छोटी बस्ती या छोटा गांव) कृपाराम बाबा के भक्तों के लिए एक खास जगह है। यहाँ अक्सर वे लोग आते हैं जो आशीर्वाद लेना चाहते हैं या उनके लिए बने स्थानीय मंदिर या पूजा-पाठ में श्रद्धा जताना चाहते हैं।
- सांस्कृतिक जड़ें: ग्रामीण राजस्थान की ऐसी कई जगहों की तरह, यह स्थानीय संतों और पूर्वजों का सम्मान करने की गहरी परंपरा को दिखाता है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे समुदाय को सुरक्षा और मार्गदर्शन देते हैं।
- * ज्योग्राफी: साथियावास शहर सीकर जिले के खंडेला कस्बा में है, यह इलाका लोक देवताओं और आध्यात्मिक गुरुओं के अपने शानदार इतिहास के लिए जाना जाता है।
- यह राजस्थान के लोक विश्वास और क्षेत्रीय इतिहास का एक बहुत ही श्रद्धापूर्ण विषय है। बाबा कृपाराम जी (जिन्हें कई जगह करीपा राम भी कहा जाता है) को उनके चमत्कारों और समाज सेवा के लिए जाना जाता है।
- जैसा कि आपने जिक्र किया, गंगाराम की ढाणी (जो अक्सर सीकर के शेखावाटी क्षेत्र से जुड़ी होती है) उनके तपोस्थल और समाधि स्थल के रूप में जानी जाती है।

- बाबा कृपाराम जी और जीवित समाधि
- आध्यात्मिक शक्ति: लोक कथाओं के अनुसार, बाबा कृपाराम जी एक सिद्ध पुरुष थे। उन्होंने समाज को सही मार्ग दिखाने और लोगों के कष्टों को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था।
- जीवित समाधि का निर्णय: जब उन्हें लगा कि उनका सांसारिक कार्य पूरा हो गया है, तो उन्होंने अपने शिष्यों और भक्तों की मौजूदगी में जीवित समाधि लेने का निर्णय लिया। यह उनकी योग शक्ति और दृढ़ संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
- आस्था का केंद्र: आज भी गंगाराम की ढाणी में उनकी समाधि पर भव्य मेला वैशाख पूर्णिमा पर भरता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर वहां पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि वहां की मिट्टी या ‘भभूत’ से कई रोगों और कष्टों का निवारण होता है।
परंपराएं और जमावड़े
भक्त अक्सर यहां इन चीज़ों के लिए इकट्ठा होते हैं:
- भजन और कीर्तन: भक्ति गाना एक आम बात है, खासकर शुभ दिनों या लोकल त्योहारों के दौरान।
- सालाना मेले (मेला): ऐसे कई मंदिरों में छोटे सालाना जमावड़े होते हैं जहां आस-पास के गांवों के लोग संत की विरासत का जश्न मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं।

Editing By– सुरेश जाजम

"Suresh Kumar Saini is an experienced Tax Assistant and finance writer. He specializes in US & Canada Tax Guide, Indian Income Tax laws, GST compliance, and personal finance, helping freelancers and remote workers optimize their taxes."

















