सीबीआई कोर्ट, जबलपुर ने 20.08.2025 को भ्रष्टाचार के एक मामले में तीन आरोपियों – विशाल कुमार अहिरवार, तत्कालीन उपडाकपाल, उपडाकघर, बीना एलएसजी, जिला सागर, मध्य प्रदेश, हेमंत सिंह, तत्कालीन उपडाकपाल, उपडाकघर, बीना एलएसजी, जिला सागर, मध्य प्रदेश और श्रीमती रानू नामदेव, तत्कालीन उपडाकपाल, उपडाकघर, बीना एलएसजी, जिला सागर, मध्य प्रदेश को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आरोपी विशाल कुमार अहिरवार को 39,000/- रुपये के जुर्माने के साथ 5 वर्ष के कठोर कारावास (आरआई) की सजा सुनाई गई है। हेमंत सिंह और श्रीमती रानू नामदेव को 7,000/- रुपये के जुर्माने के साथ 4 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है।
श्री विशाल कुमार अहिरवार, तत्कालीन डाक सहायक, उप-डाकघर, बीना एलएसजी, सागर (मप्र) और अन्य के विरुद्ध दिनांक 17.11.2022 को यह मामला इस आरोप पर दर्ज किया गया था कि दिनांक 01.01.2020 से 05.07.2021 की अवधि के दौरान, उन्होंने बीना एलएसजी उप-डाकघर, तहसील बीना, जिला सागर (मप्र) में डाक सहायक के रूप में लोक सेवक के रूप में कार्य करते हुए, उक्त डाकघर में संचालित कई खातों में हेराफेरी करके और जाली पासबुक जारी करके अपने आधिकारिक पदों का दुरुपयोग किया। इस प्रकार, अभियुक्तों ने सरकारी खजाने को 1,21,82,921/- रुपये की गलत हानि पहुँचाई और स्वयं को भी इसी प्रकार का गलत लाभ पहुँचाया।
जांच पूरी होने के बाद, तीनों अभियुक्तों के विरुद्ध दिनांक 29.12.2023 को माननीय न्यायालय विशेष न्यायाधीश, सीबीआई मामले, जबलपुर के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया।
मुकदमे के बाद, न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया और तदनुसार सजा सुनाई।

















