प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 19/09/2025 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत
महाराष्ट्र में स्थित 1.15 करोड़ रुपये की तीन अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है।
मेसर्स ज़ूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के मामले में।
ईडी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, बैंक सुरक्षा एवं धोखाधड़ी प्रकोष्ठ (बीएसएंडएफसी), नई दिल्ली और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), मुंबई द्वारा दर्ज एफआईआर और आरोप-पत्रों के आधार पर जांच शुरू की।
ईडी की जांच से पता चला कि मेसर्स ज़ूम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा धोखाधड़ी से प्राप्त धन (अपराध की आय) का एक हिस्सा। पीएनबी और अन्य कंसोर्टियम बैंकों से ली गई ऋण राशि को ज़ूम हिंदुस्तान पीटर ओट्स जेवी जैसे संयुक्त उद्यमों के माध्यम से स्तरीकृत किया गया और अंततः मेसर्स हिंदुस्तान मोर्टार लाइनिंग एलएलपी और उससे जुड़े व्यक्तियों जैसी संस्थाओं को हस्तांतरित कर दिया गया, जिनका उपयोग आगे अचल संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए किया गया।
इस मामले में ईडी पहले ही 131.34 करोड़ मूल्य की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करते हुए पाँच अनंतिम कुर्की आदेश जारी कर चुका है। साथ ही, इस मामले में एक अभियोजन शिकायत
और 02 पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की गई हैं।
आगे की जाँच जारी है।

















